बची रहेगी मानव सभ्यता,किसी एक खेल के बचे रहने से
कहने को श्रीलंका चारो तरफ़ से समुद्र से घिरा है।किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए राज्य का समुद्र से घिरा होना चारो हाथ घी में होने जैसा है।लेकिन श्रीलंका के साथ ऐसा नहीं है।अर्थव्यवस्था की नाव बीच समंदर में हो तो अच्छा रहता है।लेकिन राजनीति की अल्प इच्छाशक्ति ने श्रीलंका को नाव को किनारे ला दिया है।सुनने में अजीब है लेकिन यहांँ की जनता बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का गला घोंट कर अपने लिए जीवन बचा रही है। कल ऑस्ट्रेलियाई पुरूष क्रिकेट टीम ने अपने श्रीलंकाई दौरे का आख़िरी मैच खेला।जैसे तैसे यह मैच वे जीत गए लेकिन श्रृंखला 2-3 से श्रीलंका के नाम रही।श्रृंखला ऐतिहासिक रही और श्रीलंका अरसे बाद एक टीम के रूप में ख़ुद को दर्ज करने में कामयाब रही। सब कुछ सामान्य रहा लेकिन एक घटना ने या यों कहे एक प्रक्रिया ने पूरी दुनिया को आर प्रेमदासा स्टेडियम की ओर खींच लिया।आर प्रेमदासा स्टेडियम कहीं पूरा नीला तो कहीं पूरा पीला तो कहीं हल्का हरा दिखाई दे रहा था।किसी ने नीले समंदर को गहरी पीली नदी से जोड़ दिया था।श्रीलंकाई समर्थक बड़े बड़े पीले बैनरों पर संदेश लिख कर लाए थे।उन पर गाढ़े न...