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Showing posts from 2023

इक नज़र मेरी तरफ़ भी : भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका, पहला टेस्ट

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पहला टेस्ट, पहला दिन : यही सच है रोहित छोटी गेंद पर ऑउट हुए। यशस्वी ड्राइव मारने गए। शुभमन लेग ग्लांस करना चाहते थे। बर्गर एक अच्छे गेंदबाज़ बनेंगे। आक्रामकता तलवार है : दो धारी: यही सच है।  श्रेयस भी आक्रामक दिखे। कोहली भी एकदम सहज लगे। दोनों को एक एक मौक़ा मिला लेकिन यही तो क्रिकेट है। दोनों बेहद शानदार गेंदों पर ऑउट हुए। रबाड़ा विशुद्ध गेंदबाज़ हैं : बिल्कुल पहले की तरह: यही सच है। राहुल और शार्दूल ने तो जैसे पलटवार किया। अचानक से खेल की रफ़्तार ही बदल गई। शार्दूल ने एक बाउंसर हेलमेट पर खाया। उसके कुछ ही देर बाद वापिस लौट गए। ओअश्विन की भी कहानी लगभग यही रही। लेकिन राहुल बेहतर हुए हैं : बदलाव के बावजूद: यही सच है।  Play it tough, all the way. Grind them into the dust. — Donald Bradman पहला टेस्ट, दूसरा दिन : व्यक्ति आधारित समूह  राहुल आज-कल बहुत अच्छा खेल रहे हैं। रबादा जैसे गेंदबाज़ का सामना अकेले प्रतिभा के बस का नहीं है। तकनीक और धैर्य के साथ साथ अब उन की समझ भी अच्छी हो गई है। अब उनके पास सेंचुरियन में दो शतक हैं। इस पारी में भारत के 41 प्रत...

खेलों में कुछ भी अचानक नहीं होता

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"तेज़ हो जाएँ इस का तो इम्कान है आँधियाँ अब रुकें, ऐसा लगता नहीं" - आशुफ़्ता चंगेज़ी  दर्ज कर लेने की बौखलाहट जीत लेने (की बौखलाहट) जैसी ही होती है। जहांँ आप, जल्द अज़ जल्द सारा क़िस्सा चंद लफ़्ज़ों में समेट लेना चाहते हैं। वहीं, मैदान पर खिलाड़ियों को मैच ख़त्म करने की जल्दी रहती है ।  हालांँकि कई मारके आसानी से सर नहीं होते। हर तरह की कोशिश मिट्टी हो जाती है। लेकिन एक ऐसा भी दिन आता है जब आप सब कुछ अपने हिसाब से लिखते हैं। खिलाड़ी, खेल की हर शक्ल अपने मन मुताबिक़ तय करता है।   अफ़ग़ानिस्तान, नीदरलैंड्स और ह्यूबर्ट हरकाज़ के लिए पिछला हफ़्ता इसी दिन की तरह गुज़रा है। उनके लिए, खेल का एक-एक पल, एक-एक दांँव, पहले से बीता हुआ - पहले से खेला हुआ लग रहा था।  तीनों मैच से पहले लेस फेवरिस्ट्स और मैच के दौरान मोर प्रिपेयर्ड थे। तीनों के सामने बड़ी - बड़ी चुनौतियांँ थीं। तीनों ने अपना सबसे अच्छा खेल खेला और जीत हासिल की।  तीनों की जीत अपनी अपनी जगह पर एक 'स्टेटमेंट' है। जाते हुए साल में तीनो ने अपने लिए एक 'मोमेंट' जीता है।   हरकाज...

Novak Djokovic, Always finds a way

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Novak Djokovic, Always finds a way जोकोविच को कितना भी ब्रश करता रहूंँ वो स्पष्ट नहीं होते बल्कि और भी अस्पष्ट होते जाते हैं। इसके बावजूद मैं लगातार आनंद में गोते लगाता रहता हूंँ। मिलान कुंदेरा ने बिल्कुल ठीक कहा है , " जितनी अधिक अस्पष्टता होगी, आनंद उतना ही अधिक होगा।"   ------------- विंबलडन की पुरुष प्रतियोगिता का चौथा दौर चल रहा है।जोकोविच और ह्यूबर्ट हरकाज़ दो -दो हाथ कर रहे हैं। जोकोविच कड़ी मशक़्क़त के बाद शुरुआती 2 सेट जीतने में कामयाब रहे हैं। तीसरे सेट में 5-6 से पीछे चल रहे हैं। अपनी सर्विस गेम में हैं और 15-30 से पीछे चल रहे हैं।  वो पहली सर्व(फर्स्ट सर्व) हरकाज़ के दाहिनी ओर कोर्ट के बीच में (टी प्वाइंट) करते हैं।  अंपायर ऑउट की कॉल करती हैं। अब जोकोविक के सामने एक सिचुएशन है।  वो अपनी सर्विस गेम के साथ साथ इस सेट में भी पीछे हैं।  और अब उनकी दूसरी या'नी आख़िरी सर्व बची हुई है। सवाल यह है कि वो कहांँ सर्व करेंगे? आम तौर पर ऐसी सिचुएशन में एक आम सर्व करके डबल फ़ाॅल्ट का ख़तरा टालना सबसे अच्छा विकल्प रहता है। सबकी तरह ह्यूबर्ट भी यही सोच ...

खेल विषयक

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----------------------- 1)- विश्व सकारात्मक प्रतिरोध की उपमाओं से पटा पड़ा है। खेलों की दुनिया में भी इसकी अनेकों उपमाएंँ हैं - लेकिन द्रविड़ से सुंदर कोई नहीं।  2)- दर्शक कई भावों जैसे सुख, संतुष्टि और आश्चर्य को महसूस करने के लिए खेलों को देखते हैं - फॉलो करते हैं। जबकि सुखद आश्चर्य से संतुष्टि मिलना इन सभी भावों की सबसे पकी हुई और सबसे अद्भुत अनुभूति है। सूर्य कुमार यादव ने इस अनुभूति को उन के लिए सामान्य कर दिया है।  3)- कोहली क्रिकेट की सभागार में बल्लेबाज़ी विषय पर रखा हुआ एक अकाट्य तर्क है। उसे काउंटर करना ना मुमकिन है। 4)- अपनी समस्याओं का सम्मान करते हुए उनको हराना मनुष्य का उच्चतम गुण है। ऐसा करते हुए मनुष्य सकारात्मकता और जिजीविषा की मिश्रित परिभाषा गढ़ता है। राफेल नडाल पिछले कई सालों से यही कर रहे हैं।  5)- निर्माण की गुणवत्ता आधारशिला की गुणवत्ता के अनुक्रमानुपाती होती है। कुछ अनोखा करने की पहली बड़ी शर्त अनोखी आधारशिला है। हमें यह स्वीकार करना ही होगा कि किरियस के अनोखे होने में भी उनकी आधार शिला का बहुत बड़ा योगदान है। 6)- प्रकृति अपने अद्भुत वि...