इक नज़र मेरी तरफ़ भी : भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका, पहला टेस्ट
पहला टेस्ट, पहला दिन : यही सच है रोहित छोटी गेंद पर ऑउट हुए। यशस्वी ड्राइव मारने गए। शुभमन लेग ग्लांस करना चाहते थे। बर्गर एक अच्छे गेंदबाज़ बनेंगे। आक्रामकता तलवार है : दो धारी: यही सच है। श्रेयस भी आक्रामक दिखे। कोहली भी एकदम सहज लगे। दोनों को एक एक मौक़ा मिला लेकिन यही तो क्रिकेट है। दोनों बेहद शानदार गेंदों पर ऑउट हुए। रबाड़ा विशुद्ध गेंदबाज़ हैं : बिल्कुल पहले की तरह: यही सच है। राहुल और शार्दूल ने तो जैसे पलटवार किया। अचानक से खेल की रफ़्तार ही बदल गई। शार्दूल ने एक बाउंसर हेलमेट पर खाया। उसके कुछ ही देर बाद वापिस लौट गए। ओअश्विन की भी कहानी लगभग यही रही। लेकिन राहुल बेहतर हुए हैं : बदलाव के बावजूद: यही सच है। Play it tough, all the way. Grind them into the dust. — Donald Bradman पहला टेस्ट, दूसरा दिन : व्यक्ति आधारित समूह राहुल आज-कल बहुत अच्छा खेल रहे हैं। रबादा जैसे गेंदबाज़ का सामना अकेले प्रतिभा के बस का नहीं है। तकनीक और धैर्य के साथ साथ अब उन की समझ भी अच्छी हो गई है। अब उनके पास सेंचुरियन में दो शतक हैं। इस पारी में भारत के 41 प्रत...