Novak Djokovic, Always finds a way
Novak Djokovic, Always finds a way जोकोविच को कितना भी ब्रश करता रहूंँ वो स्पष्ट नहीं होते बल्कि और भी अस्पष्ट होते जाते हैं। इसके बावजूद मैं लगातार आनंद में गोते लगाता रहता हूंँ। मिलान कुंदेरा ने बिल्कुल ठीक कहा है , " जितनी अधिक अस्पष्टता होगी, आनंद उतना ही अधिक होगा।" ------------- विंबलडन की पुरुष प्रतियोगिता का चौथा दौर चल रहा है।जोकोविच और ह्यूबर्ट हरकाज़ दो -दो हाथ कर रहे हैं। जोकोविच कड़ी मशक़्क़त के बाद शुरुआती 2 सेट जीतने में कामयाब रहे हैं। तीसरे सेट में 5-6 से पीछे चल रहे हैं। अपनी सर्विस गेम में हैं और 15-30 से पीछे चल रहे हैं। वो पहली सर्व(फर्स्ट सर्व) हरकाज़ के दाहिनी ओर कोर्ट के बीच में (टी प्वाइंट) करते हैं। अंपायर ऑउट की कॉल करती हैं। अब जोकोविक के सामने एक सिचुएशन है। वो अपनी सर्विस गेम के साथ साथ इस सेट में भी पीछे हैं। और अब उनकी दूसरी या'नी आख़िरी सर्व बची हुई है। सवाल यह है कि वो कहांँ सर्व करेंगे? आम तौर पर ऐसी सिचुएशन में एक आम सर्व करके डबल फ़ाॅल्ट का ख़तरा टालना सबसे अच्छा विकल्प रहता है। सबकी तरह ह्यूबर्ट भी यही सोच ...